आम बजट 2017 में काले धन पर शिकंजा कसने की कवायद

  • 3 लाख रुपए से अधिक नगदी रहित लेन-देन का प्रस्‍ताव:

सरकार ने निर्णय लिया है कि 3 लाख से अधिक का लेनेदेन नगद में नहीं किया जाएगा। कालाधन समाप्‍त करने के लिए विशेष जांच दल द्वारा तीन लाख से अधिक नगदी लेनदेन पर प्रतिबंध लगाने के सुझाव पर वित्‍त मंत्री ने वित्‍त विधेयक के आयकर अधिनियम में संशोधन का प्रस्‍ताव किया है।

  • राजनीतिक पार्टियां एक व्‍यक्ति से 2000 रुपए से अधिक नगद चंदा नहीं ले सकतीं:

राजनीतिक पार्टी एक व्‍यकित से अधिकतम दो हजार रुपए का नगद चंदा ले सकती है। राजनीतिक दलों की वित्‍त पोषण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के कदमों के बारे में बताते हुए वित्‍त मंत्री ने प्रस्‍ताव किया कि राजनीतिक दलों को चंदा लेने में सुविधा के लिए बैंक चुनावी बांड जारी करेंगे।  प्रत्‍येक राजनीतिक पार्टी को निर्धारित समय सीमा के भीतर आय कर रिटर्न भरना होगा।

  • गलत जानकारी देने वाले Chartered Accountants/ Merchant Banks/ Registered Valuers पर 10,000 रूपये का दंड:

बेईमान और भ्रष्‍टाचारियों पर सरकार कड़ी कार्रवाई जारी रखेगीगलत जानकारी देने वाले लेखाकारों या मर्चेंट बैंकों या पंजीकृत मूल्‍यआंकने वालों पर प्रत्‍येक दोष के लिए 10,000 रूपये का दंड लागू होगा। प्रधानमंत्री राहत निधि की तरह मुख्‍यमंत्री राहत निधि या उपराज्‍यपालराहत निधि भी कर से मुक्‍त रहेगी

  • किसी धर्मार्थ न्‍यास द्वारा प्राप्‍त की जाने वाली नगद दान की राशि की सीमा को 10 हजार से घटाकर 2 हजार रुपए कर दिया गया है।
  • राजस्‍व (Revenue) और पूंजी व्यय (Capital Expenses) के लिए नगदी व्‍यय की सीमा 10 हजार रुपए तक करने का भी प्रस्‍ताव किया है।