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  1. डिजिटल तरीके से भुगतान करने पर सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियां पेट्रोल या डीजलकी बिक्री पर ग्राहकों को 0.75 प्रतिशत की रियायत देंगी। ऐसे पेट्रोलपंपों पर हर रोज 4.5 करोड़ लोग पेट्रोल या डीजल भरवाते हैं, जिन्हें इस स्कीम काफायदा मिल सकता है। एक अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन 1800 करोड़ का पेट्रोल/डीजललोगों को बेचा जाता है। इसमें से 20 प्रतिशत का पेमेंट डिजिटल तरीके से किया जाता था।नवंबर के महीने में ये बढ़कर 40 प्रतिशत तक पहुंच गया है। 360 करोड़ रुपए प्रतिदिन काकैशट्रांजेक्शन अब डिजिटल माध्यमों से होने लगा है। इस स्कीम के बाद 30 प्रतिशत और ग्राहकों के डिजिटल पेमेंट की तरफ बढ़ने की संभावना है।इससे पेट्रोलपंपों पर सालाना 2 लाख करोड़ रुपए के कैश की आवश्यकता भी कम होगी।
  1. ग्रामीण इलाकों में डिजिटल पेमेंट को आसान बनाने के लिए सरकार नाबार्ड की मदद से बैंकोंको आर्थिक मदद देगी। प्रयास है कि 10 हजार से कम आबादी वाले 1 लाख गावों में 2 POS मशीनें अवश्य हों। ये POS मशीनें प्राइमरीकॉपरेटिवसोसायटी/दुग्ध सोसायटी/ कृषि से जुड़ा सामान बेचने वालेडीलरों के पास लगाई जाएंगी ताकि खेती से जुड़ी चीजों के लिए लेन-देन डिजिटल तरीके से होसके। इस स्कीम का फायदा एक लाख गांवों में रहने वाले किसानों को होगा। इससे 75 करोड़ कीकुल आबादी कवर होगी जो गांवों में खेती से जुड़ी जरूरतों के लिए डिजिटल तरीके से लेन-देनकरेगी।
  1. नाबार्ड की मदद से सरकार क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और कॉपरेटिव बैंकों को RUPAY किसानकार्ड जारी करने में सहायता करेगी। 4 करोड़ 32 लाख किसान क्रेडिट कार्ड रखने वाले धारकोंको RUPAY किसान कार्ड वितरित किए जाएंगे ताकि वो POS मशीनों/माइक्रोATM या ATMके जरिए डिजिटल पेमेंट कर सकें।
  1. रेलवे के सब-अर्बन रेलवे नेटवर्क में मासिक और सीजनल टिकट के लिए डिजिटल तरीके सेपेमेंट करने वालों को 0.5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। ये छूट 1 जनवरी 2017 से खरीदे जानेवाले टिकटों पर मिलेगी। उपनगरीय रेलवे में लगभग 80 लाख यात्री मासिक या सीजनल टिकट ज्यादातर कैश देकर हीखरीदते हैं। ऐसे टिकट के लिए प्रतिवर्ष लगभग 2 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं। जबज्यादा से ज्यादा यात्री डिजिटल पेमेंट की तरफ बढ़ेंगे तो भविष्य में टिकट खरीदने के लिएनकद राशि की मांग 1000 करोड़ रुपए तक कम हो सकती है।
  1. रेलवे में ऑनलाइन टिकट बुक कराने वालों को 10 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा मुफ्तदिया जाएगा। प्रतिदिन 14 लाख रेलवे यात्री टिकट खरीदते हैं जिनसे में 58 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन खरीदेजाते हैं। उम्मीद है कि इस कदम के बाद 20 प्रतिशत और यात्री टिकट बुक कराने के लिएडिजिटल पेमेंट की तरफ बढ़ेंगे। ऐसा होने पर प्रतिदिन लगभग 11 लाख रेल यात्री प्रतिदिनदुर्घटना बीमा स्कीम के तहत कवर होंगे।
  1. रेल अपनी मान्यता प्राप्त इकाइयों और कोरपोरेशंस द्वारा सशुल्क सेवाएं भी उपलब्धकराती है जैसे केटरिंग, ठहरने की सुविधा, विश्रामगृह इत्यादि। इन सुविधाओं के लिएडिजिटल तरीके से पेमेंट करने पर 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। रेलवे से सफर करने वाले हर यात्री को इसका फायदा मिलेगा।
  1. सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियां कस्टमर पोर्टल के जरिए डिजिटल पेमेंट किए जाने परजनरल इंश्योरेंसपॉलिसी के समय प्रीमियम में 10 प्रतिशत तक का डिस्काउंट या क्रेडिट देंगी।इसके अलावा लाइफइंश्योरेंसकॉरपोरेशन में नई जीवन बीमा पॉलिसी के प्रीमियम में 8प्रतिशत का डिस्काउंट या क्रेडिट दिया जाएगा।
  1. केंद्र सरकार के विभाग और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थान ये सुनिश्चित करेंगे कि डिजिटलपेमेंट करने पर ट्रांजेक्शन फीस या MDR चार्ज ग्राहकों से ना वसूला जाए। ये चार्ज इनविभागों या संस्थानों को खुद वहन करना होगा। राज्य सरकारो को भी सलाह दी गई है कि राज्य सरकार के विभाग और संस्थाएं डिजिटलपेमेंट किए जाने पर ग्राहकों से ट्रांजेक्शन फीस या MDR चार्ज ना वसूलें।
  1. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सलाह दी गई है कि वो POS टर्मिनल के लिए/ मोबाइल POS केलिए या फिर माइक्रोATM के लिए 100 रुपए प्रतिमाह से ज्यादा मासिक किराया ना वसूलें।इससे छोटे कारोबारियों को भी डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम से जुड़ने में मदद मिलेगी। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा लगभग 6.5 लाख मशीनें व्यापारियों को दी गई हैं जिन्हें कमकिराए का लाभ मिलेगा। किराया कम होने की वजह से और ज्यादा व्यापारी ऐसी मशीनों कोलगाने और डिजिटल पेमेंट के लिए प्रोत्साहित होंगे।
  1. डिजिटल तरीके से 2000 रुपए तक के ट्रांजेक्शन पर अब कोई Service Tax नहीं लिया जाएगाऔर ना ही MDR ( मर्चेंट डिस्काउंट रेट) वसूला जाएगा।
  1. आरएफआईडी कार्ड / फास्ट टैग का उपयोग कर राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा पर टोलका भुगतान के लिए, 10% की छूट वर्ष 2016-17 में उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध हो जाएगा |