.

February 23, 2016

संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र के अवसर पर राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी के अभिभाषण के मुख्य अंश

  • सरकार ने वित्तीय समग्रता और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से इस लक्ष्‍य को संभव बनाने का वादा किया है। ये दोनों ऐसे पंख है, जिन पर मानवीय आकांक्षा उड़ान भरती है। इसके लिए मेरी सरकार ने खाद्य सुरक्षा, सभी के लिए आवास और सब्सिडी पर जोर दिया है, ताकि इनका लाभ उन लोगों तक पहुंच सकें, जिन्‍हें आवश्‍यकता पड़ने पर इनकी सबसे ज्‍यादा जरूरत होती है। पिछले साल, मैंने महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जन-धन योजना के बारे में बात की थी। आज, मुझे यह कहने में गर्व हो रहा है कि यह विश्‍व का सबसे सफल वित्‍तीय समावेशन कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के तहत, इक्कीस करोड़ से भी अधिक खाते खोले गए हैं, जिसमें से पंद्रह करोड़ रुपए से अधिक खातें क्रियात्‍मक है और इन खातों में कुल मिलाकर बत्तीस हज़ार करोड़ रूपए से अधिक की राशि जमा है। यह कार्यक्रम न केवल बैंक खाते खोलने तक सीमित है, बल्कि गरीबों बुनियादी वित्‍तीय सेवायें और सुरक्षा प्रदान करके गरीबी उन्‍मूलन के लिए एक मंच भी बन गया है।
  • सामाजिक सुरक्षा को सर्वव्यापी बनाने के लिए मेरी सरकार ने तीन नई बीमा और पेंशन योजनाओं – प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंशन योजना की शुरूआत की है, जो समाज के वंचित वर्गों को बीमा कवर उपलब्‍ध कराती हैं।
  • सरकार 2022 तक सभी को आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री आवास योजना 25 जून, 2015 को शुरू की गई थी, जिसमें मुख्य रूप से झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों, शहरी गरीबों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और निम्न आय समूहों के लोगों के लाभ के लिए लगभग 2 करोड़ मकान बनाने का प्रावधान है। इस मिशन में आगामी पांच वर्षो के दौरान 4041 वैधानिक कस्बों को शामिल किया जाएगा। पहले वर्ष के दौरान 27 राज्यों में 2011 कस्बों/शहरों इस मिशन के अधीन शामिल किया गया है। 24,600 करोड़ रूपए की परियोजना लागत से चार लाख पच्‍चीस हजार घरों के निर्माण की मंजूरी दी गई है।
  • लक्षित सब्सिडी सुनिश्चित करती है कि इसका लाभ वांछनीय व्‍यक्ति तक पहुंचे। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण को अब तक मेरी सरकार द्वारा वित्त पोषित 42 योजनाओं तक बढ़ा दिया गया है। पहल योजना विश्‍व में अपनी किस्‍म की सबसे बड़ी प्रत्‍यक्ष नकद हस्तांतरण कार्यक्रम बन गई है। इससे लगभग 15 करोड़ लोग लाभान्वित हो रहे हैं। जून 2014 के बाद से खाद्य सुरक्षा कवरेज दुगनी होकर 68 करोड़ से भी अधिक व्यक्तियों तक पहुंच गई है।
  • गिव बैक कार्यक्रम के साथ अपनी मर्जी से सब्सिडी छोड़ने के अभियान से प्राप्‍त सब्सिड़ी के कारण 50 लाख बीपीएल परिवारों को नये एलपीजी कनेक्शन जारी किये गये हैं। 62 लाख से अधिक एलपीजी उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से इस अभियान के तहत अपनी एलपीजी सब्सिडी छोड़ दी है। 2015 के दौरान ग्रामीण गरीबों के लिए सबसे अधिक नए रसोई गैस कनेक्शन वितरित किए गए।
  • शिक्षा लोगों को सशक्‍त बनाती है और इस उद्देश्‍य के लिए मेरी सरकार ने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के 50 प्रतिशत से अधिक बजट को छात्रवृत्ति धन के लिए आवंटित कर दिया है। दो नई योजनाएं – नई मंज़िल और उस्‍ताद, जिनका उद्देश्‍य अल्पसंख्यकों को सशक्त बनाना है, शुरू की गई है। वर्तमान में मदरसों में पढ़ने वाले 20,000 बच्चों को नई मंज़िल योजना के तहत कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पारसी समुदाय के जीवन इतिहास और संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए अगले महीने एक प्रदर्शनी अनंत लौ (एवरलास्टिंग फ्लेम) का आयोजन किया जा रहा है।
  • “किसानों की समृद्धि”, राष्‍ट्र की समृद्धि के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस मौलिक वास्तविकता को स्वीकार करते हुए मेरी सरकार ने ‘कृषि एवं सहकारिता मंत्रालय को ‘कृषि, सहकारिता और किसान कल्‍याण मंत्रालय’ का नया नाम दिया गया है और इसके लिए कई कदम उठाए हैं। मेरी सरकार ने अभी हाल ही में किसानों के अनुकूल प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की है, जो किसानों के लिए सबसे कम प्रीमियर दर पर फसल बीमा देने के लिए सरकार का सबसे बड़ा अंशदान है। इस योजना में पहली बार बाढ़ और बेमौसम बारिश के कारण फसल कटाई की हानियों की राष्ट्रीय कवरेज, सरकारी सब्सिडी जल्दी उपलब्‍ध कराना और कोई दावों के शीघ्र तथा सही निपटान के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग जैसी बातों को शामिल किया गया है। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को सहायता की राशि बढ़ाकर 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है और इसके लिए पात्रता मानदंडों में छूट दी गई है।
  • मार्च, 2017 तक सभी 14 करोड़ कृषि जोत के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किये जाएंगे और जिसके कारण उर्वरकों के न्‍यायसंगत प्रयोग इनपुट लागत कम करने और मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकेगा। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए, परंपरागत कृषि विकास योजना लागू की जा रही है, जिसके तहत 8000 समूहों को अब तक विकसित किया गया है।
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में जल उपयोग दक्षता सुधार कर और सूखारोधी बनाकर खेती का विस्‍तार करने के लिए सुनिश्चित सिंचाई का वादा किया गया है। मेरी सरकार ‘पर ड्रोप मोर क्रोप’ तथा ‘जल संचय फोर जल सिंचन” के दर्शन के लिए प्रतिबद्ध है।
  • किसानों को बेहतर बाजार मूल्य उपलब्‍ध करने के लिए 585 विनियमित थोक बाजारों को आपस में जोड़ने के लिए सामान्य ई-मार्किट मंच की स्थापना के लिए एकीकृत राष्‍ट्रीय कृषि बाजार कार्य कर रहा है, जिससे भारत को एक खाद्य क्षेत्र, एक देश और एक बाजार बनाया जा सकेंगा। इससे हमारे किसानों को उचित और लाभदायक मूल्‍य मिलने से बहुत फायदा होगा। पिछले साल में लक्षित नीति हस्तक्षेपों से गन्‍ने की बकाया राशि 21,000 करोड़ रुपये से घटकर 720 करोड़ रुपये तक आ गई है।
  • मेरी सरकार ने स्वदेशी उत्पादन को अधिकतम बनाने और ऊर्जा दक्षता में सुधार लाने के उद्देश्य से नई यूरिया नीति 2015 अधिसूचित की है। इस नीति से अगले तीन वर्षों के दौरान प्रति वर्ष 17 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त उत्पादन होने में मदद मिलेंगी। शत-प्रतिशत नीम कोटिड यूरिया उपलब्ध कराने से न केवल दक्षता में सुधार हुआ है, बल्कि रियायती मूल्‍य वाले यूरिया का गैर कृषि उपयोग करने की अवैध गतिविधियों को रोकने में भी मदद मिली है। देश में 2015 के दौरान सबसे अधिक यूरिया उर्वरकों का उत्पादन हुआ था।
  • सरकार ने देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचाना है। भारत लगातार सबसे बड़ा दुग्‍ध उत्‍पादन देश बना हुआ है और इसकी 6.3 प्रतिशत की प्रभावशाली विकास दर है। पोल्ट्री वेंचर कैपिटल फंड और रूरल बैकयार्ड पोल्‍ट्री डेवलपमेंट के कार्यान्वयन से देश में अंडों का सबसे अधिक उत्पादन हुआ है। नील क्रांति मत्‍स्‍य पालन के लिए एकीकृत विकास और प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए विचाराधीन है, इसमें तीन हजार करोड़ रुपये का केंद्रीय परिव्यय निर्धारित किया गया है।
  • खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र किसानों की आय बढ़ाने में मदद करता है। नामित फूड पार्क के लिए सस्ता ऋण उपलब्ध कराने के लिए पिछले साल खाद्य प्रसंस्करण कोष स्‍थापित किया गया है। पिछले 19 महीनों के दौरान पांच नए मेगा फूड पार्कों में काम शुरू हो गया है। पिछले 18 महीनों में कोल्ड चेन योजना के तहत 33 परियोजनाएं चालू की गई है।
  • कृषि विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। 14वें वित्‍त आयोग ने 2015-16 से पांच साल की अवधि के लिए केवल ग्राम पंचायतों के लिए दी गई दो लाख करोड़ रुपये की अंशदान राशि को राज्‍यों ने बड़े उत्साह से प्राप्त किया है। इस कदम से विकास की गतिविधि जनता के करीब जाएंगी और उन्हें इस बारे में समर्थ बनाएंगी कि वे अपने गांवों और वार्डों को किस प्रकार सुधारना चाहते है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूरबन मिशन भी कौशल और स्थानीय उद्यमिता के विकास और बुनियादी ढांचे सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 300 ग्रामीण विकास समूहों के लिए शुरू किया गया है।
  • युवा हमारे देश के भविष्‍य हैं और व्‍यापक रोजगार सृजन के जरिये ‘युवाओं को रोजगार’ सुनिश्चित करना मेरी सरकार का एक प्रमुख लक्ष्‍य है। हम मेक इन इंडिया, स्‍टार्ट अप इंडिया, मुद्रा, कुशल भारत जैसी पहलों के जरिये रोजगार सृजन में तेजी ला रहे हैं।
  • सरकार की अभिनव पहलों से भारत को विश्‍व बैंक की ‘कारोबार में सुगमता’ वाली नवीनतम रैंकिंग में 12 पायदान ऊपर चढ़ने में मदद मिली है। एक खास बात यह भी है कि प्रतिकूल वैश्विक निवेश माहौल के बावजूद ‘मेक इन इंडिया’ पहल ने एफडीआई के प्रवाह में 39 फीसदी बढ़ोतरी हासिल की है।
  • सरकार ने ‘कारोबार में सुगमता’ बढ़ाने के लिए विभिन्‍न राज्‍यों के बीच प्रतिस्‍पर्धी सहयोग को बढ़ावा दिया है। प्रक्रिया के सरलीकरण, ई-आधारित प्रक्रिया शुरू करने और बेहतर निवेश माहौल के लिए बुनियादी ढांचागत क्षेत्र में निवेश हेतु राज्‍य सरकारों को प्रोत्‍साहित करने के साथ-साथ उनकी सहायता भी की जा रही है। मंजूरियां पाने में ज्‍यादा आसानी सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है।
  • सूक्ष्म, लघु, मझोले उद्यम (एमएसएमई) बड़े पैमाने पर रोजगार मुहैया कराते हैं। बैंकों ने प्रधानमंत्री की ‘मु्द्रा योजना’ के तहत 2.6 करोड़ से भी अधिक कर्जदारों को 1 लाख करोड़ रुपये से भी ज्‍यादा की राशि मुहैया कराई है, जिनमें से 2.07 करोड़ महिला उद्यमी हैं। एमएसएमई के ऑनलाइन पंजीकरण का मार्ग प्रशस्‍त करने के लिए ‘उद्योग आधार पोर्टल’ शुरू किया गया है। मेरी सरकार ने कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण आजीविका एवं प्रौद्योगिकी व्‍यवसाय इन्‍क्‍यूबेटर स्‍थापित करने का फैसला किया है।
  • कपड़ा उद्योग के रोजगार गहन क्षेत्रों (सेगमेंट) को मजूबती प्रदान करने के लिए मेरी सरकार ने सात वर्षों की अवधि के दौरान तकरीबन 18000 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ एक संशोधित प्रौद्योगिकी उन्‍नयन कोष योजना शुरू की है।
  • रोजगार चाहने वालों को रोजगार सृजकों में तब्‍दील करने के लिए अनेक सुधार लागू किये गये हैं। मेरी सरकारी ने स्‍टार्ट-अप इंडिया अभियान शुरू किया है जो देश में अभिनव इको-सिस्‍टम को और गहरा एवं विस्‍तृत करने के साथ-साथ इसे आवश्‍यक सहायता भी प्रदान करेगा।
  • उच्‍च शिक्षा में उत्‍कृष्‍टता के नये संस्‍थान स्‍थापित किये गये हैं। छह भारतीय प्रबंधन संस्थानों, एक भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान और एक राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान ने काम करना शुरू कर दिया है।
  • मुझे यह सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि हमने दिसम्‍बर, 2015 तक की वैश्विक लक्षित समय सीमा से काफी पहले ही सफलतापूर्वक मातृ एवं नवजात टिटनेस का सफाया कर दिया है।
  • जहां एक ओर मेरी सरकार ने भ्रष्‍टाचार की गुजांइश खत्‍म करने के लिए कदम उठाये हैं, वहीं दूसरी ओर भ्रष्‍टाचार के दोषी लोगों को दण्डित करने में मेरी सरकार कठोर रुख अख्तियार कर रही है।
  • बुनियादी ढांचागत विकास को नई गति प्रदान करने से सभी लोगों के लिए अवसर प्राप्‍त हुए हैं। मेरी सरकार ने शहरों के विकास को चुनौती मानते हुए ‘स्‍मार्ट सिटी’ कार्यक्रम शुरू किया है।
  • स्‍वच्‍छ ऊर्जा की उपलब्‍धता बढ़ाने के लिए मेरी सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा की क्षमता को वर्ष 2020 तक कई गुना बढ़ाकर 175 गीगावाट (जीडब्‍ल्‍यू) के स्‍तर पर पहुंचाने की परिकल्‍पना की है।
  • सरकार के सत्ता संभालने के बाद से लेकर अब तक ऊर्जा की किल्‍लत 4 फीसदी से घटकर 2.3 फीसदी के स्‍तर पर आ गई है।
  • सरकार ने कोयला क्षेत्र में व्‍यापक सुधार लागू किये हैं और 70 से भी ज्‍यादा कोल ब्‍लॉकों की पारदर्शी नीलामी/आवंटन किया है।
  • खनन क्षेत्र को बढ़ावा देने और खनिज संसाधनों के आवंटन में पारदर्शिता लाने के लिए खान एवं खनिज विकास और नियमन अधिनियम, 1957 को संशोधित किया गया है और खदानों की नीलामी शुरू कर दी गई है।
  • मार्च, 2019 तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1 लाख 78 हजार ग्रामीण बस्तियों को ऐसी सड़कों से जोड़ दिया जायेगा जो हर मौसम में कारगर साबित होंगी।

Source : http://pib.nic.in/