लकी ग्राहक योजना और डिजी-धन व्यापार योजना के लिए पुरस्कारो का शुभारंभ; डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन देने के लिए प्रथम 15 हजार विजेताओं की घोषणा

डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन प्रदान के लिए केंद्र सरकार ने आज नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में लकी ग्राहक योजना और डिजी-धन व्यापार योजना पुरुस्कारो का शुभारंभ किया। केंद्रीय वित्त और कार्पोरेट मामलो के मंत्री श्री अरुण जेटली,केंद्रीय इलेक्ट्रोनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी और विधि एवं न्याय मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद ने पुरुस्कारो का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय इलेक्ट्रोनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी और विधि एवं न्याय राज्य मंत्री श्री पी. पी चौधरी, नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री अरविंद पनगढ़िया,नीति आयोग के सीईओ श्री अमिताभ कांत, केंद्रीय इलेक्ट्रोनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी सचिव सुश्री अरूणा सुंदराजन,दिल्ली के मुख्य सचिव श्री एम.एम कुट्टी,एनडीएमसी के अध्यक्ष श्री नरेश कुमार और एनसीपीआई के सीईओ श्री ए.पी. होटा और प्रसिद्ध किक्रेट खिलाडी श्री गौतम गंभीर और 2016 पैरालिंपिक में रजत पुरस्कार विजेता सुश्री दीपा मलिक भी उपस्थित थे।

भारत में डिजिटल भुगतान और नकदी के कम प्रयोग को जन आंदोलन बनाने के लिए अगले वर्ष मार्च तक देशभर के 100 विभिन्न शहरो में डिजीधन मेले का आयोजन किया जाएगा। आज आयोजित डिजीधन मेले में 5 हजार से अधिक लोगो ने भागीदारी की।

9 नवंबर, 2016 से 21 दिसंबर, 2016 के बीच 8 करोड़ डिजीटल लेनदेन में से चार श्रेणियों यूएसएसडी, यूपीआई, एईपीएस और रुपये में 15,000 विजेताओं का चयन किया गया।

इस अवसर पर एनसीपीआई ने घोषणा की कि आज के भाग्‍यशाली विजेताओं को बैंक से एक संदेश प्राप्‍त होगा और पुरस्‍कार की राशि अगले 24 घंटों में उनके बैंक खातों में हस्‍तांतरित कर दी जाएगी। पुरस्‍कार के संबंध में जानकारी प्राप्‍त करने के लिए वेबसाइट www.digidhanlucky.mygov.in पर लॉग इन कर सकते है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नीति आयोग के सीईओ श्री अमिताभ कांत ने कहा कि भ्रष्‍टाचार से निपटने और कालेधन की समस्‍या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने गत ढ़ाई वर्षों में कई कदम उठाए हैं। इसकी शुरूआत जनधन खातों के सृजन से हुई जिसके चलते सभी नागरिको को आधार कार्ड प्रदान किए गए। भारत दुनिया में एक खरब आधार खाते और रुपये कार्ड तक पहुंच रखने वाले एक खरब से अधिक मोबाइल प्रयोगकर्ता वाला देश है। हमारी जनसंख्‍या में 70 प्रतिशत से अधिक लोग 35 वर्ष के कम आयु वाले है। भारत अपने सूचना प्रौद्योगिकी के आधारभूत ढांचे के लिए जाना जाता है और इसके नागरिक इलेक्ट्रोनिक मतदान मशीनों के द्वारा मतदान करने में दक्ष है। कुछ ही समय में भारत के लोग विकास की एक इस धारा डिजीटल क्रांति में प्रवीण हो जाएंगे।

श्री अमिताभ कांत ने कहा कि  नोटबंदी, भ्रष्‍टाचार से लड़ने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कई कदमों में से एक प्रमुख कदम है। इससे आर्थिक लेनदेन को अधिक जिम्‍मेदार बनाया जा सकेगा। मुझे यह बताते हुए बेहद हर्ष महसूस हो रहा है कि 9 नवंबर, 2016 के बाद से देश मे डिजीटल लेनदेन में 300 से 350 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। यह लोगों में डिजीटल भुगतान के विकल्‍प को अपनाने के प्रति रूझाव को दिखाता है।

इस अवसर पर अपने संबोधन में केंद्रीय वित्‍त और कॉरपोरेट मामलों के मंत्री श्री अरूण जेटली ने कहा कि केंद्र सरकार का वार्षिक बजट लगभग 20 लाख करोड़ का है और इस वर्ष की आय 16 लाख करोड़ है। इसमें से आधा आयकर से और शेष अप्रत्‍यक्ष करों से प्राप्‍त होता है। घाटे को दूर करने के लिए सरकार को कर्ज लेना होता है और यह देश को ऋण लेना होता है और इससे देश और अगली पीढ़ी कर्ज का सामना करती है। हमें भारत की आर्थिक वृद्धि और सुरक्षित डिजीटल  अर्थव्‍यवस्था को प्रोत्‍साहन देने के लिए एक रणनीतिक ढांचा सुनिश्चित करना होगा।

श्री जेटली ने बल देते हुए कहा कि भारत मंदी के बावजूद दुनिया में सबसे अधिक विकास करने वाली अर्थव्‍यवस्‍थाओं में से एक है। भारत की अर्थव्‍यवस्‍था को डिजीटल में परिवर्तित करने की अपार संभावना है। 125 करोड़ लोगों में से 75 करोड़ लोग क्रेडिट और डेबिटकार्ड का इस्‍तेमाल करते हैं। इनमें से 45 करोड़ सक्रिय प्रयोगकर्ता है। लक्‍की ग्राहक योजना और डिजीधन व्‍यापार योजना जैसी प्रोत्‍साहन योजनाओं के द्वारा डिजीटल इंडिया आंदोलन भारत की आर्थिक स्थिति ओर सशक्त करेगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय इलेक्‍ट्रोनिक्‍स और सूचना प्रौद्योगिकी और कानून एवं विधि मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और स्‍टार्टअप इंडिया प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश में बदलाव लाने की प्रक्रिया के भाग हैं। 109 करोड़ देशवासी आधार के साथ पंजीकृत है और 50 करोड़ लोग की पहुंच इंटरनेट तक है। इसके साथ ही देश में 35 करोड़ लोग स्‍मार्ट फोन का इस्‍तेमाल करते है। हम दो लाख कॉमन सेवा केंद्रों के द्वारा एक करोड़ से अधिक ग्रामीण नागरिकों को प्रशिक्षण देने के अभियान में कार्यरत है। गत दस दिनों के भीतर हमने 76,99,174 नागरिकों और 2,20,741 व्‍यापारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया है।

डिजिटल इंडिया का अर्थ है – ईमानदार सरकार, डिजिटल भुगतान का अर्थ है- लेनदेन का ईमानदारी भरा रूप और डिजिटल अर्थ व्‍यवस्‍था का अर्थ है- अर्थव्‍यवस्‍था का सशक्तिकरण। डिजिटल लेनदेन के द्वारा हमने विभिन्‍न परियोजनाओं में 36000 करोड़ की बचत की है। सरकार का लक्ष्‍य डिजिटल संपर्क के साथ-साथ लोगों के संपर्क में रहना भी है। हम देश के हर कोने तक पहुंचेगे और अगले 100 दिनों तक इस लक्की ड्रा को जारी रखेंगे। इसमें हर रोज 15000 हजार लोगों को पुरस्‍कार प्रदान किए जाएंगे और 14 अप्रैल, 2017 को एक विशाल ड्रा द्वारा इसका समापन किया जाएगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुश्री दीपा मलिक ने कहा कि मेरा विश्‍वास है कि जहां हम बदलाव के लिए सीखते है वहां हम निश्चित रूप से विजयी होते है। देश में एक बदलाव हो रहा है और यह बदलाव हमें डिजिटल दौर में ले जाएगा। लक्‍की ग्राहक योजना और डिजीधन व्‍यापार योजना सरकार द्वारा लोगों को सही शब्‍दों में क्रिसमस का उपहार है। मैं आप सभी से डिजिटल और नकद विहीन भुगतान की इस यात्रा में शामिल होने का आह्वान करती हूं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय इलेक्‍ट्रोनिक और सूचना प्रौद्योगिकी सचिव सुश्री अरूणा सुंदराजन ने कहा कि भारत तेजी से डिजिटल बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहा है। डिजिटल भुगतान के प्रति देश के नागरिकों की प्रतिक्रिया भारत में स्वच्छ पारदर्शी सुशासन प्रति लोगों के अपार सहयोग को प्रदर्शित करता है।

कार्यक्रम में दिल्‍ली के मुख्‍य सचिव श्री एम एम कुट्टी और एनडीएमसी के अध्‍यक्ष श्री नरेश कुमार को एनडीएमसी को डिजिटल में परिवर्तित करने के लिए सम्‍मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान लोगों को डिजिटल भुगतान के प्रति प्रेरित करने के लिए क्रिकेट खिलाड़ी श्री गौतम गंभीर ने बिना नकद के अपने बिजली के बिल का भुगतान ऑनलाइन किया। लक्‍की ग्राहक योजना और डिजीधन व्‍यापार योजना के विजेताओं का चयन दैनिक और साप्‍ताहिक आधार पर किया जाएगा। इसके बाद 14 अप्रैल 2107 को एक विशाल ड्रा का आयोजन किया और आगामी क्रियान्‍वयन के लिए योजना की समीक्षा की जाएगी।


Source: http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx