वस्तु एवं सेवा कर (GST)  जॉब वर्क (Job Work)

प्र 1. जाॅब-वर्क क्या है?

उत्तरः एम.जी.एल. की धारा 2(62) प्रदान करती है कि ”जाॅब-वर्क”का मतलब किसी व्यक्ति द्वारा ऐसा उपचार या प्रक्रिया करने से है जो किसी दूसरे पंजीकृत कराधीन व्यक्ति के लिये माल से संबंधित है और ”जाॅब-वर्कर” की अभिव्यक्ति का अर्थ उसी अनुसार समझा जाएगा। यह परिभाषा इससे भी अधिक व्यापक है जैसा अधिसूचना संख्या 214/86 – सीई दिनांक 23 मार्च, 1986, यथा संशोधित में दी गई है, जिसमें जाॅब-वर्क को इस तरह से परिभाषित किया गया था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जाॅब-वर्क की गतिविधि को विनिर्माण/उत्पादन के समतुल्य माना जाना चाहिये। इस प्रकार जाॅब-वर्क स्वतः प्रस्तावित जी.एस.टी. में जाॅब-वर्क से संबंधित कराधान की बुनियादी योजना में परिवर्तन को दर्शाता है।

 

प्र 2. क्या एक कराधीन व्यक्ति द्वारा एक जाॅब-वर्कर को भेजे गये माल को आपूर्ति के रूप में माना जाएगा और उस पर जी.एस.टीदायि त्व होगा? क्यों?

उत्तरः नहीं, इसे आपूर्ति के रूप में नहीं माना जाएगा। एम.जी. एल. की अनुसूची स के पैरा 5 के प्रावधान के अनुसार, एक पंजीकृत कराधीन व्यक्ति (प्रिंसिपल) द्वारा जाॅब-वर्कर के पास भेजे गये माल की आपूर्ति, धारा 43ए के अनुसार, आपूर्ति के रूप में नहीं माना जाएगा। इसलिए, यह अनुमान लगाया जा सकता है कि पंजीकृत

प्रिंसिपल द्वारा एक जाॅब-वर्कर को आपूर्ति किये गये माल पर जी.एस.टी. लागू नहीं होगा।

 

प्र 3. क्या एक पंजीकृत कराधीन व्यक्ति अपने जाॅब-वर्कर को बिना कर भुगतान किये माल भेजा सकता है?

उत्तरः हाँ। एम.जी.एल. की धारा 43ए यह प्रदान करती है कि पंजीकृत कराधीन व्यक्ति (प्रिंसिपल) बिना कर का भुगतान किये कराधीन माल अपने जाॅब-वर्कर के पास भेज सकते हैं। वह इसके आगे भी अपने एक जाॅब-वर्कर से दूसरे जाॅब-वर्कर के पास माल भेज सकता है और इसी तरह कुछ शर्तों के अधीन। इस पर ध्यान दिया जाना चाहिये कि धारा 43ए के प्रावधानों उन पर लागू नहीं हांेगे यदि गैर-कराधीन या छूट प्राप्त माल को जाॅब-वर्क पर भेजने के लिये प्रस्तावित किया जाता है।

 

प्र 4. क्या एक जाॅब-वर्कर को पंजीकरण कराना आवश्यक है?

उत्तरः हाँ, जैसा कि एक जाॅब-वर्कर सेवाओं की आपूर्ति करता है, उसे पंजीकरण प्राप्त करना आवश्यक होगा यदि उसका सकल कारोबार निर्धारित सीमा से अधिक है।

प्र 5. क्या जाॅब-वर्कर के परिसर से प्रिंसिपल के माल की सीधा आपूर्ति करने पर उसे जाॅब-वर्कर के कुल कारोबार में सम्मिलित किया जाएगा?

उत्तरः नहीं, यह पिं्रंसिपल के सकल कारोबार में शामिल की जाएगी।

 

प्र 6. क्या प्रिंसिपल अपने ही परिसर में लाये बगैर जाॅब-वर्कर के परिसर से सीधा माल की आपूर्ति कर सकता है?

उत्तरः हाँ, लेकिन एक शर्त यह है कि प्रिंसिपल द्वारा कथित जाॅब-वर्कर के परिसर को अपने व्यापार के अतिरिक्त स्थल के रूप में घोषित किया जाना चाहिये या जहां जाॅब-वर्क एक पंजीकृत व्यक्ति है या जहां पर माल को अधिसूचित किया गया है।

 

प्र 7. किन परिस्थितियों में प्रिंसिपल जाॅब-वर्कर के परिसर से सीधे माल की आपूर्ति कर सकता है?

उत्तरः माल/वस्तुओं की जाॅब-वर्कर के व्यावसायिक स्थल से सीधे आपूर्ति अतिरिक्त व्यापारिक स्थल के रूप में घोषणा किये बिना दो परिस्थितियों में की जा सकती है अर्थात् जहां जाॅब-वर्कर एक पंजीकृत कराधीन व्यक्ति है या जहां प्रिंसिपल ऐसे माल की आपूर्ति में संलग्न है जिसे उस संबंध में अधिसूचित किया जा सकता है।

 

प्र 8. जाॅब-वर्कर को भेजे गये कच्चे माल/पूंजीगत माल के संबंध में आईटीसी प्राप्त करने के क्या प्रावधान हैं?

उत्तरः एम.जी.एल. की धारा 16ए में, इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने के पहलुओं के संबंध में जाॅब-वर्क के लिये भेजे गये इनपुट/पूंजीगत वस्तुओं को विशेष रूप से संबोधित किया गया है, जिसमें प्रदान किया गया है कि इनपुट या पूंजीगत वस्तुओं पर टैक्स क्रेडिट निम्न तरीकों से लिया जा सकता हैः

प्रिंसिपल जाॅब-वर्कर को भेजी गई इनपुट का क्रेडिट प्राप्त करने का हकदार होगा यदि कथित आदान, जाॅब-वर्क पूरा हो जाने के बाद उसके भेजे जाने के 180 दिनों के भीतर वापस प्राप्त कर ली जाती हैं। किसी मामले में आदानें जाॅब-वर्कर को सीधा भेजी जाती हैं, तब वह तारीख गिनी जाएगी जिस तारीख को जाॅब-वर्कर द्वारा वह

प्राप्त की गई थी। इसके अतिरिक्त इस तरह के इनपुट पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाने के लिये ब्याज सहित उसके समतुल्य क्रेडिट के बराबर की राशि का भुगतान किया जाना चाहिये, किसी मामले में यदि इनपुट निर्धारित समय के भीतर वापस प्राप्त नहीं कर ली जाती। क्रेडिट का दावा तब किया जा सकता है जब वास्तव में

इनपुट वापस प्राप्त कर ली जाती है।

 

प्र 9. क्या जाॅब-वर्क के प्रावधान सभी वस्तुओं की श्रेणी पर लागू होते हैं?

उत्तरः नहीं। जाॅब-वर्क के प्रावधान केवल तब लागू होते हैं जब पंजीकृत कराधीन व्यक्ति कराधीन माल भेजना चाहता है। दूसरे शब्दों में, ये प्रावधान उन पर लागू नहीं होते जिन्हें छूट प्राप्त या गैर-कराधीन माल/वस्तुओं या भेजने वाला व्यक्ति पंजीकृत कराधीन व्यक्ति नहीं है।