वस्तु एवं सेवा कर (GST)  आपूर्ति का समय (Time of Supply)

प्र 1. आपूर्ति का समय क्या है?

उत्तरः आपूर्ति का समय निर्धारित करता है कि कब जी.एस.टी. कर का दायित्व उत्पन्न होता है। यह भी इंगित करता है कि कब आपूर्ति पूर्ण कर दी गई समझी जायेगी। एमजीएल वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति के लिये अलग-अलग समय प्रदान करता है।

प्र 2ः कब वस्तुओं की आपूर्ति के संबंध में जी.एस.टी. करारोपण दायित्व उत्पन्न होता हैं?

उत्तरः एमजीएल की धारा 12 वस्तुओं की आपूर्ति का समय प्रदान करती है। वस्तुओं की आपूर्ति का समय निम्नलिखित में जल्द से जल्द होगा, अर्थात्
(प) जिस तारीख पर आपूर्तिकर्ता द्वारा वस्तुओं को हटाया गया है, जहां वस्तुओं की आपूर्ति को हटाने की आवश्यकता
हैं; या
(पप) वह तारीख जब वस्तुओं को उपलब्ध कराया जाता है जहां आपूर्ति में उन्हे को हटाने की आवश्यकता नहीं है; या
(पपप) वह तिथि जब आपूर्तिकर्ता आपूर्ति से संबंधित चालान/ बिल जारी करता है जहां उपरोक्त दोनो स्थितियां लागू
नहीं होती; या
(पअ) वह तारीख जिस पर प्राप्तकर्ता अपनी लेखा पुस्तकों में माल प्राप्ति की रसीद दर्ज करता है।

प्र 3. वस्तुओं की निरंतर आपूर्ति का क्या समय है?

उत्तरः वस्तुओं की निरंतर आपूर्ति का समय है;
क) जहां सिलसिलेवार खातों के विवरण या सिलसिलेवार भुगतान शामिल हैं, ऐसे सिलसिलेवार खातों के विवरण या सिलसिलेवार भुगतान से संबंधित अवधि की समाप्तिकी तारीख।
ख) जहां सिलसिलेवार खातों के विवरण या सिलसिलेवार भुगतान शामिल नहीं किये गये, चालान/बिल जारी करने की तिथि या भुगतान प्राप्त करने की तिथि जो भी पहले आती है।

प्र 4. स्वीकृति के आधार पर भेजी गई वस्तुओं की आपूर्ति का समय क्या है?

उत्तरः स्वीकृति के आधार पर आपूर्ति के मामले में, आपूर्ति का समय वह समय होगा जब यह पता चल जाता है कि आपूर्ति की जाने वाली है या आपूर्ति की तारीख से छह महीने, जो भी पहले पड़ता है।

प्र 5. एमजीएल की धारा 12 की उपधारा 2, 3, 5 या 6 या धारा 13 के अनुसार जहाँ आपूर्ति का समय निर्धारित करना संभव नहीं है, आपूर्ति का समय कैसे निर्धारित किया जाएगा?

उत्तरः वहाँ धारा 12(7) क े साथ-साथ धारा 13(7) म ंे एक अवशिष्ट प्रविष्टि ह ै जा े स्पष्ट करती ह ै कि यदि आवधिक रिटर्न दर्ज किय े जाने ह,ंै तब इन आवधिक रिटर्न भरन े की दये तिथि आपूि र्त का समय हागे ा।
अन्य मामलों में, यह वह तारीख होगी, जिस पर सी.जी.एस.टी./एसजी.ए स.टी./आईजी.एस.टी. का भुगतान किया गया है।

प्र 6. सेवाओं की आपूर्ति के संबंध में जी.एस.टी. भुगतान का दायित्व कब उत्पन्न होता है?

उत्तरः वस्तुओं के विपरीत, सेवाओं के मामले में, आपूर्ति का समय इस तथ्य के आधार पर निर्धारित करता है कि क्या सेवाओं की आपूर्ति के लिए चालान/बिल निर्धारित अवधि के भीतर या निर्धारित अवधि के बाद जारी कर दिया गया है।

प्र 7. सेवाओं की आपूर्ति का समय क्या होगा जब चालान/बिल निर्धारित अवधि के भीतर जारी नहीं किया गया है?

उत्तरः ऐसे मामलों में सेवा की आपूर्ति का समय निम्नलिखित में से जल्द से जल्द होगा; या
;पद्ध सेवा प्रदान करने समाप्ति की तारीख; या
;पपद्ध भुगतान प्राप्त करने की तारीख

प्र 8. सेवा की आपूर्ति का समय क्या होगा जब चालान/बिल निर्धारित अवधि के भीतर जारी किया गया है?

उत्तरः ऐसे मामलों में सेवा की आपूर्ति का समय निम्नलिखित में से जल्द से जल्द होगाः
;पद्ध चालान जारी करने की तारीख; या
;पपद्ध भुगतान की प्राप्ति की तारीख।

प्र 9. ”भुगतान की प्राप्ति की तारीख” का क्या मतलब है?

उत्तरः यह दोनों स्थितियों में सबसे पहले की वह तारीख है जिस पर आपूर्तिकर्ता द्वारा उसके लेखा खातों में भुगतान की तारीख दर्ज की गई है या वह तारीख जब भुगतान उसके बैंक खाते में जमा किया गया है।

प्र 10. मान लीजिए, चालान/बिल जारी नहीं किया गया है और भुगतान या सेवा प्रदान करने की तारीख का पता नहीं लगाया जा सकता, तब आपूर्ति का समय क्या होगा?

उत्तरः आपूर्ति का समय वह तारीख होगी, जिस पर आपूर्ति प्राप्तकर्ता अपने खाता बहियों में सेवाओं की प्राप्ति दिखाता है।

प्र 11. मान लीजिए आंशिक अग्रिम भुगतान कर दिया गया है या जारी किये गए चालान/बिल आंशिक भुगतान के लिये है, क्या आपूर्ति का समय पूर्ण आपूर्ति को कवर करेगा?

उत्तरः नहीं। आपूर्ति उस हद तक कर देय समझी जाएगी जिस हद तक वह चालान/बिल या आंशिक भुगतान को कवर करती है।

प्र 12. रिवर्स प्रभार के अंर्तगत करदेय के मामले में सेवा की आपूर्ति का समय क्या होगा?

उत्तरः आपूर्ति का समय निम्नलिखित तारीखों में जल्द से जल्द होगा;
क) सेवाओं की प्राप्ति की तारीख;
ख) जिस तारीख को भुगतान किया गया है;
ग) चालान/बिल की प्राप्ति की तारीख;
घ) आपूर्तिकर्ता द्वारा खाता बहियों में नामे की तारीख।

प्र 13. निरंतर सेवाओं की आपूर्ति का क्या समय होगा?

उत्तरः आपूर्ति का समय भुगतान की देय तिथि होगा, यदि अनुबंध में निश्चित है। यदि पता नहीं लगाया जा सकता तो, इन स्थितियों में सें यह जल्द से जल्द की तारीख होगी- भुगतान प्राप्त करने की तारीख या चालान बिल जारी करने की तारीख या घटना के पूरा होने की तारीख जहां भुगतान घटना के पूरा होने से जुडा हुआ है।

प्र 14. आईये मान लेते हैं कि 1.6.2017 से प्रभावी कर की दर में 18 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। कर की क्या दर लागू होगी जब सेवाएं प्रदान करने और चालान/बिल जारी करने की तारीख दर में बदलाव से पहले अप्रैल 2017 में किया गया था, लेकिन भुगतान जून 2017 में दर में बदलाव करने के बाद प्राप्त होता है?

उत्तरः 18 प्रतिशत की पुरानी दर लागू होगी क्योंकि सेवाएं 1.6.2017 से पहले प्रदान की गई थी।