GST Return की प्रक्रिया और इनपुट टैक्स क्रेडिट का मिलान (Returns Process and matching of Input Tax Credit)

रिटर्न की प्रक्रिया और इनपुट टैक्स

क्रेडिट का मिलान

प्र 1. रिटर्न का क्या उद्देश्य है?

उत्तरः क) कर प्रशासन सूचना के हस्तांतरण के लिये साधन है

ख) कर प्रशासन के अनुपालन का सत्यापन कार्यक्रम है

ग) निर्धारित सीमित अवधि के भीतर करदाता की कर देनदारियों को अंतिम रूप देना; एक निश्चित अवधि के

लिए कर देनदारी की घोषणा करना;

घ) नीतिगत निर्णय लेने के लिए आवश्यक जानकारियां प्रदान करना;

ङ) कर प्रशासन के लेखा परीक्षा और करचोरी विरोधी कार्यक्रमों का प्रबंधन।

 

प्र 2. जी.एस.टी. व्यवस्था के अंतर्गत किसे रिटर्न भरने की आवश्यकता है?

उत्तरः प्रत्येक पंजीकृत कराधीन व्यक्ति – जिसने करों के भुगतान की सीमारेखा पार कर ली है। एक आपूर्तिकर्ता का सकल कारोबार/बिक्री नौ लाख रुपये पार कर जाता है लेकिन वह कराधीन व्यक्ति केवल तब बनता है जब उसका सकल कारोबार/बिक्री दस लाख रूपये पार करता है। अतः उसे दस लाख रूपये की सीमारेखा पार करने पर रिटर्न दाखिल करना आवश्यक होगा। वहां कुछ अन्य वर्गों के लोग भी हैं जिन्हें पंजीकृत करने की आवश्यकता है और इसलिए उन्हें अंतर-राज्य आपूर्तिकर्ताओं, टीडीएस कटौतीकर्ताओं, ई-कॉमर्स ऑपरेटरों आदि के माध्यम से वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले आपूर्तिकर्ताओं की तरह रिटर्न फाइल करना होगा। (अनुसूची-प्प्प् और पंजीकरण अध्याय के प्रश्न 6 का संदर्भ लें)।

 

प्र 3. रिटर्न में किस प्रकार की जावक आपूर्ति के विवरण दाखिल करने होंगे?

उत्तरः एक सामान्य पंजीकृत करदाता को एक महीने में की गई विभिन्न प्रकार की जावक आपूर्तियों के संबंध में आपूर्ति के विवरण जी.एस.टी.आर.-1 में दाखिल करने होंगे, यथा पंजीकृत व्यक्तियों को की गई जावक आपूर्तियां, गैर-पंजीकृत व्यक्तियों (उपभोक्ताओं) को की गई जावक आपूर्तियां, क्रेडिट/डेबिट नोट्स के विवरण, शून्य मूल्यांकित, छूट प्राप्त और गैर-जी.एस.टी. आपूर्तियां, निर्यात, और भविष्य की आपूर्ति के संबंध में प्राप्त अग्रिम राशि।

 

प्र 4. क्या चालान/बिलों की स्कैन की गई प्रतिलिपी जी.एस.टी.आर. -1 के साथ अपलोड की जाएगी?

उत्तरः नहीं। चालान/बिलों की स्कैन की गई प्रतिलिपी को अपलोड नहीं किया जाएगा। चालान/बिलों के केवल कुछ पूर्व निर्धारित हिस्सों को अपलोड करने की आवश्यता है।

 

प्र 5. क्या सभी चालान/बिलों को अपलोड करना होगा?

उत्तरः नहीं। यह इस पर निर्भर करता है कि क्या बी2बी या बी2सी और क्या वह अंतर-राज्य या राज्य के भीतर की गई आपूर्तियां हैं। बी2बी की आपूर्तियां, सभी बिलों/चालानों, चाहे वह अंतर-राज्य या राज्य के भीतर की आपूर्तियां हैं, उन्हें अपलोड करना होगा। ऐसा क्यों? क्योंकि आईटीसी प्राप्तकर्ताओं द्वारा लिया जाएगा, जिसके

लिये चालान/बिलों का मिलान किया जाना आवश्यक है। बी2सी आपूर्तियां, इसके अंतर्गत आमतौर पर अपलोडिंग करना आवश्यक नहीं हो सकता क्योंकि खरीदार आईटीसी प्राप्त नहीं करेगा। हालांकि गंतव्य आधारित सिद्धांत लागू करने के क्रम में, अंतर-राज्य बी2बी की आपूर्ति में 2.5 लाख रुपये से अधिक मूल्य के

चालान/बिल अपलोड करने होंगे। राज्य के भीतर चालानों/बिलों के लिए 2.5 लाख रुपये और सभी राज्यों के भीतर राज्य चालान/बिलों के, राज्यवार सारांश प्रस्तुत करना पर्याप्त होगा।

 

प्र 6. क्या चालान/बिल में दिये गये प्रत्येक मद के विवरण अपलोड करने होंगे?

उत्तरः नहीं। वास्तव में विवरण अपलोड करना आवश्यक नहीं होगा। वस्तुओं की आपूर्ति के संबंध में केवल एचएसएन कोड सेवाओं की आपूर्ति के संबंध में लेखा कोड भरना पड़ेगा। रिटर्न दायर करने वाला व्यक्ति द्वारा कितने न्यूनतम अंक अपलोड करने होंगे यह उसके पिछले साल के कारोबार पर निर्भर करेगाः

 

प्र 7. क्या प्रत्येक लेनदेन का मूल्य भरना होगा? यदि कोई प्रतिफल ;ब्वदेपकमतंजपवदद्ध नहीं है तब क्या होगा?

उत्तरः हाँ। न केवल मूल्य बल्कि कराधीन मूल्य भी भरना होगा। कुछ मामलों में दोनों अलग-अलग हो सकते हंै। किसी मामले में यदि कोई प्रतिफल नहीं है, लेकिन यह अनुसूची 1 के आधार पर आपूर्ति है, कराधीन मूल्य को अपलोड करना होगा।

 

प्र 8. क्या एक प्राप्तकर्ता अपने जी.एस.टी.आर.-2 में जानकारी भर सकता है जो आपूर्तिकर्ता द्वारा छूट गई है?

उत्तरः हाँ, प्राप्तकर्ता अपने आप चालान/बिलों को भर सकता है यदि उसके आपूर्तिकर्ता द्वारा उन्हें अपलोड नहीं किया गया। ऐसे चालानों/बिलों पर भी अस्थाई क्रेडिट (प्रोविजनल क्रेडिट) प्रावधिक क्रेडिट दिया जाएगा लेकिन उनका मिलान होना आवश्यक है। मिलान हो जाने पर, यदि चालान/बिल आपूर्तिकर्ता द्वारा अपलोड नहीं किया है, उन दोनों को सूचित कर दिया जाएगा। यदि त्रुटि को सुधारा गया है, अस्थाई क्रेडिट (प्रोविजनल क्रेडिट) की पुष्टि कर दी जाएगी। यदि सूचना के बाद भी त्रुटि को सुधारा नहीं गया, अस्थाई क्रेडिट (प्रोविजनल क्रेडिट) की अनुमति रद्द/उलट कर दी जाएगी।

 

प्र 9. क्या कराधीन व्यक्ति को जी.एस.टी.आर.-2 में कुछ भरना होगा या जी.एस.टी.आर.-1 में रखे ;ंनजव.चवचनसंजमकद्ध सारे विवरण स्वतः ले लिये जाएंगे?

उत्तरः जबकि जी.एस.टी.आर.-2 के एक बड़े हिस्से में विवरण स्वतः ले लिये जाएंगे, वहाँ कुछ ऐसी जानकारियां हैं जिन्हें केवल प्राप्तकर्ता ही भर सकता है जैसे आयात के विवरण, गैर-पंजीकृत व्यक्ति से खरीदारी के विवरण या संरचना आपूर्तिकर्ता ;बवउचवेपजपवद ेनचचसपमतेद्ध और छूट प्राप्त/गैर-जी.एस.टी./शून्य जी.एस.टीआपूर्तिकर्ता आदि।

 

प्र 10. क्या होगा यदि चालान/बिल का मिलान नहीं होता? क्या आईटीसी दिया जाएगा या रद्द कर दिया जाएगा ? यदि इन्कार किया गया है, आपूर्तिकर्ता के विरूद्ध क्या कार्रवाई की जाएगी है?

उत्तरः अगर जी.एस.टी.आर.-2 में चालान/बिल विपरीत पक्ष के जी. एस.टी.आर.-1 के चालान/बिल के साथ मिलान नहीं खाता और दोनों पक्ष को सूचित करने के बाद भी अगर त्रुटि/बेमेल में सुधार नहीं किया गया तो आई.टी.सी. को उलट दिया जाएगा। बेमेल दो कारणों से हो सकता है। सबसे पहले, यह प्राप्तकर्ता के पक्ष में गलती की वजह से हो सकता है, और इस तरह के मामले में, आगे किसी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है। दूसरे, इसकी संभावना हो सकती है कि कथित आपूर्तिकर्ता द्वारा चालान/बिल जारी किया गया था लेकिन उसने वह अपलोड नहीं किया और उसपर कर का भुगतान नहीं किया है। ऐसे मामले में, आपूर्तिकर्ता के विरूद्ध वसूली की कार्रवाई की जाएगी। संक्षेप में, यदि आपूर्तिकर्ता द्वारा आपूर्ति की गई है लेकिन उसने कर का भुगतान नहीं किया है तब सभी बेमेल, कार्यवाही में परिणत हांेगे।

 

प्र 11. यदि एक आपूर्तिकर्ता को बाद में गलती का पता चलता है और वह जानकारी भर देता है, ऐसी स्थिति में रिवर्स इनपुट टैक्स क्रेडिट के संबंध में कानूनी स्थिति क्या होगी?

उत्तरः किसी भी चरण पर, लेकिन अगले वित्तीय वर्ष की सितंबर से पहले, आपूर्तिकर्ता अपने जी.एस.टी.आर.-3 के उस महीने जब वह बिल/चालान को अपलोड करने के बाद इस तरह के छूट गये चालान/बिल पर शुल्क और ब्याज का भुगतान कर सकता है। इस प्रकार प्राप्तकर्ता को उस चालान/बिल पर स्वचालित रूप से आईटीसी का लाभ प्राप्त हो जाएगा। व्युत्क्रमण ;तमअमतेंसद्ध के समय जी.एस.टी.एन. के स्वचालित प्रणाली के माध्यम से प्राप्तकर्ता द्वारा ब्याज के भुगतान की राशि को भी वापस लौटा दिया जाएगा।

 

प्र 12. जी.एस.टी.आर.-2 की खास विशेषता क्या है?

उत्तरः जी.एस.टी.आर.-2 की खास विशेषता यह है कि एक प्राप्तकर्ता द्वारा प्राप्त की गई आपूर्ति के विवरण स्वचालित आधार पर विपरीत पक्ष द्वारा जी.एस.टी.आर.-1 में अपलोड करने के बाद भर जाता है।

 

प्र 13. क्या इन्कार किया गया आईटीसी दुबारा प्राप्त किया जा सकता है?

उत्तरः यदि एक आपूर्तिकर्ता व्युत्क्रमण ;तमअमतेंसद्ध के बाद किसी भी समय लेकिन अगले वित्त वर्ष की सितंबर तक चालान/बिल अपलोड करता है, तब पहले उलट दिये गये क्रेडिट को व्युत्क्रमण के दौरान किये ब्याज के भुगतान के साथ वापस लौटा कर प्राप्त किया जा सकता है।

 

प्र 14. क्या संरचना योजना ;बवउचवेपजपवद ेबीमउमद्ध के अंतर्गत करदाताओं को भी जी.एस.टी.आर.-1 और जी.एस.टी.आर. -2 दायर करना आवश्यक है?

उत्तरः नहीं। संरचना करदाताओं को जावक या आवक आपूर्ति के किसी भी विवरण को दर्ज करना आवश्यक नहीं है। उन्हें जी.एस.टीआर.-4 प्रारूप में तिमाही के अंत के बाद महीने की पहली तारीख को त्रैमासिक रिटर्न भरना होगा। चूंकि वे किसी भी इनपुट टैक्स क्रेडिट के पात्र नहीं हैं, उनके लिये जी.एस.टी.आर.-2 की कोई प्रासंगिकता नहीं है और जैसा कि वे अपने प्राप्तकर्ता को कोई क्रेडिट पारित नहीं करते, वहाँ उनके लिए जी.एस.टी.आर.-1 की भी कोई प्रासंगिकता नहीं है। अपने रिटर्न में, उन्हें कर के भुगतान के साथ जावक आपूर्तियों के विवरणों के सारांश घोषित करने होंगे। उन्हें अपनी तिमाही रिटर्न पर अपनी खरीदारी के विवरण भी देने होंगे, उनमें से अधिकांश स्वचालित रूप से सिस्टम पर प्राप्त हो जाएंगे।

 

प्र 15. क्या इनपुट सेवा वितरक/कों (आई.एस.डी.) को अपने रिटर्न के साथ जावक और आवक आपूर्तियों के अलग-अलग विवरण दाखिल करना आवश्यक है?

उत्तरः नहीं, आई.एस.डी. को केवल जी.एस.टी.आर.-6 में एक रिटर्न दायर करना आवश्यक है और रिटर्न में उन्हें सेवा प्रदाताओं से प्राप्त क्रेडिट और सहायक कंपनियों को उनके द्वारा वितरित क्रेडिट के विवरण उपलब्ध हैं। चूंकि उनके रिटर्न में इन पहलुओं को शामिल किया गया है, इसलिये वहाँ आवक और जावक आपूर्ति के अलग विवरणों को दाखिल करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

 

प्र 16. कैसे एक करदाता उसकी ओर से स्रोत पर कर कटौती (टी.डी.एस.) का क्रेडिट प्राप्त करता है? क्या उसे क्रेडिट प्राप्त करने के लिये कटौतीकर्ता से प्राप्त टीडीएस प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता है?

उत्तरः जी.एस.टी. के अंतर्गत, कटौतीकर्ता जी.एस.टी.आर.-7 प्रारूप में अपने रिटर्न में दर्शायी गई उन सभी कटौतियों के कटौतीवार विवरण प्रस्तुत करेगा जो उसे कटौती की तारीख के आगामी महीने की 10 तारीख को दाखिल करनी होगी । कटौतीकर्ता द्वारा कटौती के विवरण स्वचालित रूप् से जी.एस.टी.आर.-2 में अपलोड हो जाएंगे। करदाता को जी.एस.टी.आर.-2 में उसकी ओर से की गई कटौती पर क्रेडिट का लाभ उठाने के लिए इन विवरणों की पुष्टि करना आवश्यक होगा। इस क्रेडिट का लाभ उठाने के लिए वह भौतिक या इलेक्ट्रॉनिक रूप में किसी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है। प्रमाण पत्र केवल करदाता के रिकॉर्ड के लिए रखा जाएगा और आम पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है।

 

प्र 17. किन सभी को वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता है?

उत्तरः आकस्मिक और संरचना योजना के अंतर्गत आने वाले करदाताओं को छोड़कर सभी करदाता जो जी.एस.टी.आर.-1 से 3 में रिटर्न दाखिल करते हैं उन्हें वार्षिक रिटर्न फाइल करना आवश्यक हैं। आकस्मिक करदाताओं, अनिवासी करदाताओं, आई.एस.डी. और स्रोत पर कर की कटौती करने के लिए अधिकृत व्यक्तियों को वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता नहीं है।

 

प्र 18. क्या एक वार्षिक रिटर्न और अंतिम रिटर्न एक ही है?

उत्तरः नहीं, वार्षिक रिटर्न प्रत्येक पंजीकृत कराधीन व्यक्ति द्वारा दाखिल करना होगा जो सामान्य रूप में कर का भुगतान करता है या संयुक्त करदाता ;बवउचवनदकपदह जंगचंलमतद्धण् है अंतिम रिटर्न केवल उन पंजीकृत कराधीन व्यक्तियों द्वारा दाखिल किया जाएगा जिन्होंने पंजीकरण रद्द करने के लिए आवेदन किया है। इसे रद्द करने की तारीख या रद्द करने के आदेश की तारीख से तीन महीने के भीतर दाखिल करना होगा।

प्र 19. यदि रिटर्न दाखिल कर दिया गया है, यदि कुछ बदलाव करने की आवश्यकता है तब उस कैसे संशोधित किया जा सकता हैं?

उत्तरः जी.एस.टी. में चूंकि रिटर्न व्यक्तिगत लेन-देन के विवरणों में से बनाया जाता है, वहाँ संशोधित रिटर्न की कोई आवश्यकता नहीं है। रिटर्न संशोधित करने की जरूरत तभी उत्पन्न हो सकती है जब चालान/बिलों के समूह या डेबिट/क्रेडिट नोट में बदलाव करना आवश्यक है। पहले से ही प्रस्तुत किये रिटर्न को बदलने के बजाय, प्रणाली उन लेनदेन (चालान/बिलों या डेबिट/क्रेडिट नोट्स) के विवरणों में बदलाव करने की अनुमति देगी जिनमें संशोधन करना आवश्यक है। पूर्व में घोषित विवरणों का संशोधन भविष्य में किसी भी जी.एस.टी.आर-1/2 में, संशोधन हेतु दिये गए विशेष कोष्ठकों ;जंइसमेद्ध में जानकारी भर कर किया जा सकता है।

 

प्र 20. करदाता कैसे अपने रिटर्न दाखिल कर सकते हैं?

उत्तरः करदाताओं के पास विवरणों और रिटर्न दाखिल करने के विभिन्न साधन उपलब्ध होंगे। सबसे पहले, वे अपने विवरण और रिटर्न सीधे आम पोर्टल पर ऑनलाइन दाखिल कर सकते हैं। हालांकि, यह करदाताओं के लिये चालान/बिलों की ज्यादा संख्या के कारण जटिल और ज्यादा समय खर्च करने वाला हो सकता है। ऐसे करदाताओं के लिए, स्वचालित उपलब्ध ;ंनजव चवचनसंजमकद्ध विवरण डाउनलोड करने के बाद आॅफलाइन प्रयोग द्वारा विवरण तैयार करने के बाद उन्हें आम पोर्टल पर अपलोड किया जा सकता है। जी.एस.टी.एन. ने जी.एस.टी. सुविधा प्रदाता (जीएसपी) का एक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया है जो आम पोर्टल के साथ एकीकृत किया जाएगा।

 

प्र 21. जी.एस.टी. के अंतर्गत परेशानी मुक्त अनुपालन के लिए एक सावधान करदाता को क्या सुनिश्चित करना चाहिए?

उत्तरः जी.एस.टी. के अंर्तगत सबसे महत्वपूर्ण बातों में से एक, अगले महीने की 10 तारीख तक जी.एस.टी.आर-1 में जावक आपूर्ति के विवरण को समय से अपलोड किया जाना है। यह कैसे सबसे अच्छा हो वह करदाता द्वारा जारी किये गए बी 2 बी चालानों की संख्या पर निर्भर करेगा। अगर यह संख्या कम है तो करदाता एक ही बार में सारी जानकारी अपलोड कर सकते हंै। अगर इन चालानों की संख्या ज्यादा है तो चालान (या डेबिट, के्रडिट नोट्स) एक नियमित आधार पर अपलोड किया जाना चाहिए। जी.एस.टी.एन एक वास्तविक समय

के आधार पर ;त्मंस जपउम इंेपेद्ध चालान को नियमित रूप से अपलोड की अनुमित देगा। जब तक कि बयान (स्टेटमंेट) वास्तविक रूप से जमा न हो जाए, यह प्रणाली करदाता को अपलोड किये गए चालान को संशोधित करने की अनुमति देगा। अतः करदाताओं द्वारा नियमित रूप से चालान अपलोड करना हमेशा फायदेमंद होगा।

आखिरी समय की भीड़ अपलोडिंग को मुश्किल कर सकती है और संभावित विफलता और डिफाल्ट का खतरा उत्पन्न हो सकता है। दूसरी बात, आपूर्तिकर्ताओं के चालान को अपलोड करवाने को करदाताओं द्वारा सुनिश्चित करना चाहिए। यह इनपुट टैक्स क्रेडिट की बिना किसी परेशानी और देरी से उपलब्धता सुनिश्चित करवाने में मददगार होगा। प्राप्तकर्ता भी नियत तारीख के निकट चालान अपलोड करने की बजाए अपने आपूर्तिकर्ताओं को नियमित आधार पर चालान अपलोड करने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं। यह प्रणाली प्राप्तकर्ताओं को यह देखने की अनुमति भी देगा कि क्या आपूर्तिकर्ता ने उनसे संबद्ध चालान को अपलोड किया है या नहीं। जी.एस.टी.एन. प्रणाली किसी करदाता के अनुपालन के स्तर के बाने में ट्रैक रिकार्ड ;ज्तंबा त्मबवतकद्ध भी प्रदान करेगा खासकर आपूर्तिकर्ता द्वारा अपने चालानों का समय पर अपलोड किए जाने का ट्रैक रिकार्ड ;ज्तंबा त्मबवतकद्ध जिसमें जारी चालानों में आॅटो रिवर्सल का विस्तृत विवरण हो। जी.एस.टी. के आम पोर्टल में एक ही जगह पर पूरे भारत के आंकड़े और डाटा उपलब्ध होंगे जो करदाता हेतु एक बहुमूल्य सेवा होगी। चालानों के नियमित अपलोड करने की व्यवस्था को सुगम बनाने हेतु प्रयास चल रहे हैं और आशा की जाती है कि इस दिशा में एक अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हो जाएगा। करदाताओं को जी.एस.टी. के दायरे में आसान और परेशानीमुक्त अनुपालन के लिए इस पारिस्थितिकी तंत्र का कुशल उपयोग करना चाहिए।

प्र 22. क्या करदाता द्वारा स्वयं रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है?

उत्तरः नहीं, एक पंजीकृत करदाता व्यक्ति अपने रिटर्न विधिवत केन्द्रीय या राज्य कर प्रशासन द्वारा स्वीकृत एक कर रिटर्न प्रिपेयरर ;ज्ंग त्मजनतद च्तमचंतमतद्ध के माध्यम से भी दाखिल कर सकता है।

 

प्र 23. निर्धारित तिथि के भीतर रिटर्न दाखिल नहीं करने के क्या दुष्परिणाम हैं?

उत्तरः एक पंजीकृत कराधीन व्यक्ति जो निर्धारित तारीख के बाद रिटर्न दाखिल करता है उसे प्रति दिन सौ रूपये विलंब शुल्क देना होगा जो अधिकतम पांच हजार रूपये तक हो सकता है।