राजस्व सचिव डा. हंसमुख अधिया ने कहा है कि कराधान के नजरिए से Financial Year 2016-17 के लिए केंद्रीय बजट का उद्देश्य विकास और रोजगार को बढ़ावा देना और घरेलू विनिर्माण कंपनियों (Indian domestic manufacturers) के लिए समान अवसर मुहैया कराना होगा। एक टीवी चैनल से बातचीत में वह कराधान और केंद्रीय बजट 2016-17 से जुड़ी उम्मीदों से संबंधित सवालों का जवाब दे रहे थे।

आगामी बजट में ‘मेक इन इंडिया’ पर विशेष जोर दिए जाने के बारे में पूछने पर डा. अधिया ने कहा कि बजट का जोर अन्य बातों के अलावा ‘मेक इन इंडिया’ पर भी होगा।

वर्ष 2015-16 के दौरान कर संग्रह लक्ष्य से जुड़े एक सवाल के जवाब में डा. अधिया ने कहा कि सरकार current Financial Year 2015-16 के दौरान Direct Taxes और Indirect Taxes का 14.4 लाख करोड़ रुपये का समग्र कर संग्रह का लक्ष्य प्राप्त कर लेगी। उन्होंने कहा कि पांच साल के अंतराल के बाद पहली बार ऐसा होगा कि सरकार 2015-16 के दौरान कर संग्रह के बजट अनुमान (बी.ई.) लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्षम होगी।

डा. अधिया ने 14.4 लाख करोड़ रुपये के समग्र लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि Financial Year 2015-16 के दौरान करीब आठ लाख करोड़ रुपये प्रत्यक्ष कर और 6.5 लाख करोड़ रुपये अप्रत्यक्ष कर से जुटाने का लक्ष्य है। कुल प्रत्यक्ष कर के मामले में, लगभग 59 प्रतिशत कॉर्पोरेट आय कर खातों और 41 प्रतिशत व्यक्तिगत आयकर खातों से आएगा।

आगे प्रकाश डालते हुए डा. अधिया ने कहा कि आमतौर पर अप्रत्यक्ष करों में उत्पाद शुल्क, सीमा शुल्क और सेवा कर का बराबर अनुपात अर्थात प्रत्येक का 33 प्रतिशत योगदान होता है। हालांकि, राजस्व सचिव ने कहा कि इस साल अप्रत्यक्ष कर संग्रह की संरचना कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट और उस पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाए जाने के कारण विषम होने की गुंजाइश है। नतीजतन, अप्रत्यक्ष करों में उत्पाद शुल्क की हिस्सेदारी बढ़कर 39 प्रतिशत हो जाएगी।

प्रत्यक्ष कर संग्रह में कमी के कारणों से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में डा. अधिया ने कहा कि प्रत्यक्ष कर संग्रह में 40,000 करोड़ रुपये की कमी की मुख्य वजह कंपनियों की आय उम्मीद के मुताबिक नहीं होना है।

Source PIB : http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx : (Release ID 46109)