प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर के संयुक्‍त संग्रह से चालू वित्त वर्ष 2015-16 में राजस्व संग्रह का लक्ष्य पूरा हो जाने की उम्मीद

31 जनवरी, 2016 तक के नवीनतम कर संग्रह आंकड़ों से अप्रत्यक्ष कर संग्रह में 33.7 फीसदी और प्रत्यक्ष कर संग्रह में 10.9 फीसदी की अच्‍छी वृद्धि के संकेत

31 जनवरी, 2016 तक के नवीनतम कर संग्रह आंकड़ों से अप्रत्यक्ष कर संग्रह में 33.7 फीसदी और प्रत्यक्ष कर संग्रह में 10.9 फीसदी की अच्‍छी वृद्धि के संकेत मिले हैं। 14.49 लाख करोड़ रुपये के कर संग्रह के वार्षिक बजट अनुमान (बीई) लक्ष्य की तुलना में सरकार को 10.66 लाख करोड़ रुपये प्राप्‍त हुए हैं, जो बजट अनुमान लक्ष्य का 73.5 फीसदी है। कर संग्रह के मौजूदा रुख को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि जहां तक अप्रत्‍यक्ष कर संग्रह का सवाल है, सरकार वर्ष 2015-16 के दौरान अप्रत्‍यक्ष करों के लिए तय बीई लक्ष्‍य से 40,000 करोड़ रुपए से भी ज्‍यादा हासिल कर सकती है। वहीं, दूसरी ओर प्रत्‍यक्ष कर संग्रह में इतनी ही राशि की कमी देखने को मिल सकती है। हालांकि, प्रत्‍यक्ष एवं अप्रत्‍यक्ष कर दोनों के संग्रह को मिला देने पर हम चालू वित्‍त वर्ष के लिए तय राजस्‍व संग्रह के सालाना बीई लक्ष्‍य को बगैर किसी कमी के प्राप्‍त करने की उम्‍मीद कर सकते हैं।

विद्युतीय मशीनरी पर सीमा शुल्‍क राजस्‍व संग्रह में 34.4 फीसदी और अन्‍य मशीनरी पर सीमा शुल्‍क राजस्‍व संग्रह में 27.8 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे निजी क्षेत्र में नये निवेश होने के संकेत मिलते हैं। जहां तक सेवा कर संग्रह में वृद्धि का सवाल है, 27.2 फीसदी की औसत वृद्धि दर की तुलना में बैंकिंग और वित्‍तीय सेवाओं में वृद्धि दर 44.6 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई है। माल परिवहन सेवाओं के मामले में सेवा कर की वृद्धि दर 41 फीसदी रही है। इससे अर्थव्‍यवस्‍था में आर्थिक गतिविधियों में काफी वृद्धि होने के भी संकेत मिलते हैं।