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M/s Agusta Westland International Limited (AWIL) के बारे में रक्षा मंत्रालय का स्पष्टीकरण

Agusta Westland हेलिकाप्टरों की खरीद के बारे में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सूचना से स्पष्ट तौर पर पता चलता है कि इसमें मूलभूत मामला भ्रष्टाचार का है। वर्तमान सरकार ने सच्चाई को उजागर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं और वह इस मामले में भ्रष्ट और अवैध काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए हर संभव साधन अपनाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ेगी। मोटे तौर पर इसमें समय इसलिए लगा है, क्योंकि इस गलत कार्य को अंजाम देने वाले कुछ प्रमुख लोग देश से बाहर हैं।

कुछ वर्गों में, कुछ विशेष प्रकार की तुच्छ तकनीकी शब्दावलियों को लेकर प्रश्न उठाए गए हैं, जिनका स्पष्ट उद्देश्य भ्रष्टाचार के मूलभूत मामले से ध्यान हटाना मालूम पड़ता है। इस मामले को सही दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने के लिए कुछ तथ्य सामने लाए गए हैं।

12 हेलिकाप्टरों की आपूर्ति के लिए 8 फरवरी, 2010 को M/s Agusta Westland International Limited (AWIL) के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसे 1 जनवरी, 2014 से रद्द कर दिया गया। इसका मुख्य कारण संविदा-पूर्व एकीकरण समझौते के प्रावधानों तथा AWIL के साथ समझौते की शर्तों का उल्लंघन था। हालांकि उक्त आदेश के द्वारा कंपनी पर रोक नहीं लगी। विभिन्न बॉन्ड और बैंक गारंटियां सरकार ने अपने हाथ में ले लीं।

वर्तमान सरकार ने ही 3 जुलाई, 2014 के अपने आदेश के माध्यम से CBI द्वारा दर्ज प्राथमिकी में नामित 6 कंपनियों यथा- M/s Agusta Westland International Ltd., ब्रिटेन, M/s Finmeccanica, इटली और उसकी अनुषंगी व संबंद्ध कंपनियों सहित कंपनी समूह, M/s IDS, ट्यूनिशिया, M/s Infotech Design System (IDS), मॉरिशस, M/s IDS Infotech Ltd., मोहाली और M/s Aeromatrix Info Solution Pvt. Ltd., चंडीगढ़- के सभी प्रस्तावित खरीद/अधिग्रहण के मामलों पर रोक लगा दी। इसके बाद से वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इन कंपनियों से किसी तरह की नयी पूंजीगत खरीद नहीं की गयी।

विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड द्वारा Agusta Westland से संबंधित एक संयुक्‍त उद्यम को मंजूरी का उल्लेख किया गया है। टाटा सन्स और Agusta Westland NV, नीदरलैंड के संयुक्त उद्यम इंडियन रोटरक्राफ्ट लिमिटेड के एक आवेदन के आधार पर इस प्रस्ताव को 2 सितंबर, 2011 को मंजूरी दी गई। समूह के भीतर पुनर्गठन की वजह से इसे बाद में अगस्‍ता वेस्‍टलैंड एसपीए इटली में परिवर्तित कर दिया गया। 7 फरवरी, 2012 को औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग द्वारा इंडियन रोटरक्राप्ट लिमिटेड को हेलिकाप्टरों के निर्माण के लिए औद्योगिक लाइसेंस प्रदान किया गया। हालांकि, इस लाइसेंस की वैधता समाप्त हो चुकी है।

भ्रष्टाचार के मूलभूत मामले पर, जो संबंधित एजेंसियां यथा सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय तीन विदेशियों यथा श्री कार्लो गेरोसा, श्री गुइदो हैस्‍खे राल्‍फ और श्री क्रिस्चियन माइकल जोन्‍स की गिरफ्तारी और/या प्रत्यर्पण, सहित जांच के सभी पहलुओं का जोरशोर से अनुसरण कर रही हैं। दिसंबर 2015 और जनवरी 2016 को मनी लॉड्रिंग निवारण अधिनियम और भ्रष्टाचार अधिनियम के अंतर्गत इंटरपोल के माध्यम से रेड कार्नर नोटिस जारी किए गए। श्री क्रिस्चन माइकल जेम्स के प्रत्यर्पण का अनुरोध भी किया गया। एक एजेंसी (प्रवर्तन निदेशालय) ने एक भारतीय को गिरफ्तार किया और भारतीय नागरिकों तथा क्रिस्चन माइकल जेम्स की लगभग 11 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क कर लिया।

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Source:www.pib.nic.in